स्वामित्व योजना और ग्रामीण भारत पर इसका प्रभाव
Author(s): अनिल श्रीवास्तव एवं मनोज कुमार वर्मा
Abstract: स्वामित्व (गाँवो का सर्वेक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों में उन्नत प्रौद्योगिकी से मानचित्रण) योजना पंचायती राज मंत्रालय की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है जिसका उद्देश्य ग्रामीण आबादी क्षेत्रों का ड्रोन के जरिए सर्वे और मैपिंग कर भू-स्वामियों को ‘अधिकारों का रिकॉर्ड’ प्रदान करना है। ग्रामीण क्षेत्रों के आबादी क्षेत्रों में भूमि विवादों और उनके कारण बढ़ रहे संघर्ष, भूमि संपत्ति का संपार्श्विक के रुप में संस्थागत ऋण लेने और उसका मुद्रीकरण करने का अभाव, ग्राम पंचायतों का भूमि विवादों के कारण योजना तैयार करने में समस्या आदि कारकों ने स्वामित्व योजना की आवश्यकता को बल प्रदान किया। स्वामित्व योजना के उद्देश्यों में ग्रामीण स्तर पर आबादी क्षेत्रों में भूमि विवादों का समाधान करना और वास्तविक भू-स्वामियों को संपत्ति कार्ड प्रदान करके वित्तीय साधनों के उपयोग के लिए सक्षम बनाना तथा सटीक भूमि रिकॉर्ड के आधार पर पंचायती राज संस्थाओं को बेहतर ग्रामीण नियोजन तैयार करने में मदद करना है। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल भूमि विवादों और संघर्षों में कमी आयेगी बल्कि संपत्तियों का वित्तीय साधनों व अन्य उपयोग के रुप में बढ़ावा मिलेगा तथा समावेशी विकास और देश की आर्थिक संवृद्धि को गति मिलेगी।
Keywords: स्वामित्व योजना, अधिकारों का रिकॉर्ड, पंचायती राज, समावेशी विकास
