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Research Communications, Volume: 3, Issue: 2, July-December 2025, pp 183-189

Research Communications, Volume: 3, Issue: 2, July-December 2025, pp 183-189

हिन्द महासागर क्षेत्र में भारत की सुरक्षा चुनौतियां

Author(s): संजना गुप्ता एवं हर्ष साहू

Abstract: भारत के लिए हिन्द महासागर क्षेत्र (IOR) में सुरक्षा चुनौतियां बहुआयामी और जटिल हैं, जो भू-राजनीतिक बदलाव, समुद्री प्रतिस्पर्धा और क्षेत्रीय गतिशीलताओं  से प्रभावित हैं।  हिन्द महासागर भारत के के आर्थिक हितों के लिए महत्वपूर्ण  है , विशेषकर व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में, क्योंकि इसका 90% से अधिक व्यापार इन जल क्षेत्रों  से होता है। हालांकि यह क्षेत्र  चीन की आक्रामक उपस्थिति के कारण बढ़ते तनावों का सामना कर रहा है, विशेष रूप से बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव  (BRI) और दक्षिण चीन सागर में सैन्य विस्तार के माध्यम से। इसके अतिरिक्त समुद्री डकैती, आतंकवाद, और ग़ैर-राज्य कर्ताओं की गतिविधियां समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरों का निर्माण करती हैं। भारत को अपने पड़ोसियों से भी चुनौतियाँ हैं जिसमें पाकिस्तान की समुद्री आकांक्षाएँ और चीन, श्रीलंका व मालदीव जैसे देशों के बीच रणनीतिक साझेदारियां शामिल हैं । इन चुनौतियों का सामना करने के लिए भारत अपनी समुद्री क्षमताओं को बढ़ा  रहा है, हिन्द महासागर रिम एसोसिएशन (IORA) जैसी पहलों के माध्यम से क्षेत्रीय भागीदारी को मजबूत कर रहा है  और नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था को बढ़ावा दे रहा है।यह लेख हिन्द महासागर में अपने हितों की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए  भारत के लिए एक समग्र और सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने की तात्कालिकता को रेखांकित  करता है।

Keywords: हिन्द महासागर रिम एसोसिएशन, हिंद महासागर नौसैनिक संगोष्ठी, बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव, स्ट्रिंग ऑफ़ पर्ल्स, आई एम बी एल

DOI: doi.org/10.65719/RC.3.2.2025.183

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